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आशाएँ

By Taresh SharanDecember 23, 20251 min read

कल तक जो मन था उदास

आज लड़ने को है तैयार

रोज़ निशा से लड़ के जैसे

उषा होती है तैयार

एक नयी उम्मीद लेकर

एक नयी उत्साह के साथ

है नयी उड़ान ये

एक नयी मंज़िल के साथ

~ तारेश शरण

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आशाएँ | Sharan Initiatives